रायपुर, 23 फरवरी 2026। प्रदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़ा मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि उनकी अधिकांश मांगें पहले से घोषित नरेंद्र मोदी की ‘मोदी की गारंटी’ में शामिल हैं, इसलिए सरकार से इन्हें लागू करने की अपेक्षा स्वाभाविक है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बयान जारी कर कहा कि संगठन कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मांग रहा, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनरों के वैधानिक व नैतिक अधिकारों की बात कर रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आगामी बजट में इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता दी जाए।
फेडरेशन का तर्क है कि कर्मचारी-अधिकारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं। यदि उनका सम्मान, सुरक्षा और हित सुनिश्चित रहेंगे, तभी विकास योजनाएं प्रभावी रूप से धरातल पर उतर सकेंगी। संगठन ने यह भी कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं केवल वेतन या भत्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और सेवा गुणवत्ता से भी जुड़ी हैं।
प्रमुख मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देय तिथि से लागू करना, वर्ष 2019 से लंबित एरियर्स को GPF खातों में समायोजित करना, तथा विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल है। इसके अलावा 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर चार स्तरीय समयमान वेतनमान, सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन और समयबद्ध पदोन्नति की मांग भी उठाई गई है।
संगठन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने, अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, पंचायत सचिवों के शासकीयकरण और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा है।
संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण को फेडरेशन ने अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायित्व और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
फेडरेशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बजट में मांगों को शामिल नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को तेज करने के लिए बाध्य होगा।
11 सूत्रीय मांगों पर कर्मचारियों का ऐलान-ए-आंदोलन, ‘मोदी की गारंटी’ लागू करने की सरकार से मांग