27अप्रैल2026
मध्यप्रदेश के ग्वालियर से पारिवारिक रिश्तों और न्यायिक प्रक्रिया को चौंकाने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने ही पति की सगी बहन को उसकी कथित दूसरी पत्नी बताकर अदालत से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया। महिला ने परिवार की सामान्य तस्वीरों को सबूत के रूप में पेश करते हुए कोर्ट को गुमराह किया और ऐसा माहौल बनाया मानो पति ने दूसरी शादी कर ली हो।
बताया जा रहा है कि महिला ने कुटुंब न्यायालय में पति पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाया और पारिवारिक फोटो को प्रमाण बनाकर दावा किया कि तस्वीर में दिख रही महिला उसके पति की दूसरी पत्नी है, जबकि वास्तविकता में वह पति की सगी बहन थी। इस भ्रामक जानकारी के आधार पर अदालत ने पति की अनुपस्थिति में तलाक की डिक्री जारी कर दी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पति को अप्रैल महीने में इस फैसले की जानकारी मिली। दस्तावेजों और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच के बाद उसने पाया कि पत्नी ने जानबूझकर रिश्ते की गलत पहचान कर कोर्ट को भ्रमित किया। इसके बाद पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए तलाक के फैसले को चुनौती दी है।
पति का आरोप है कि पत्नी ने सुनियोजित तरीके से न्यायालय से तथ्य छिपाए, झूठे साक्ष्य पेश किए और धोखे से तलाक हासिल किया। अब हाईकोर्ट इस पूरे मामले की सुनवाई करेगा, जहां यह तय होगा कि अदालत को भ्रमित कर प्राप्त किया गया फैसला वैध रहेगा या रद्द किया जाएगा।
यह मामला न केवल वैवाहिक विवादों में बढ़ती जटिलताओं को उजागर करता है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में गलत जानकारी देने के गंभीर परिणामों की ओर भी संकेत करता है। फिलहाल इस अनोखे केस ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है।