कांकेर में महिला समेत 3 माओवादियों ने डाले हथियार, बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन से पहले तेज हुआ सरेंडर अभियान

कांकेर, 29मार्च 2026।
बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा नजदीक आते ही माओवादियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला तेज हो गया है। कांकेर जिले में महिला सहित तीन सक्रिय माओवादियों ने हथियारों के साथ शनिवार  को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे और अब उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की इच्छा जताई है। सरेंडर करने वाले माओवादियों ने अपने हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंप दिए हैं।
 सरेंडर करने वाले माओवादी
राधिका कुंजाम (ACM)
संदीप कड़ियाम (ACM)
रैनू पद्दा (PM)
इन तीनों माओवादियों ने कुल 3 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिसमें 2 SLR राइफल और 1 .303 राइफल शामिल है।
 बस्तर आईजी की अपील
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की समयसीमा अब बेहद करीब है और बहुत कम माओवादी जंगलों में बचे हैं। उन्होंने सक्रिय माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं, क्योंकि इसमें ही उनका और उनके परिवार का भविष्य सुरक्षित है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन दिनों में कांकेर जिले में कुल 9 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और जल्द ही पुनर्वास योजना के तहत उनका स्वागत कर उन्हें सामान्य जीवन की ओर आगे बढ़ाया जाएगा।
 लगातार बढ़ रहा आत्मसमर्पण का आंकड़ा
बस्तर क्षेत्र में पिछले एक साल के दौरान कई बड़े आत्मसमर्पण हुए हैं, जिससे नक्सल संगठन कमजोर पड़ा है। सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के अभियान के कारण माओवादी लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं।मुख्यधारा में लौटने का संदेश
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। सुरक्षा बलों ने बाकी माओवादियों से भी अपील की है कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर शांति और विकास की राह चुनें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *