26मार्च2026
महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादी सदस्यों के पुनर्वास की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली है। गडचिरोली पुलिस बल की पहल पर “प्रोजेक्ट संजीवनी” के तहत 14 आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी सदस्यों की नसबंदी पुनः खोलने की सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी 21 मार्च 2026 को सर्च फाउंडेशन के सहयोग से मा. दंतेश्वरी अस्पताल, चाटगांव में सम्पन्न हुई।
इस पहल के तहत गडचिरोली जिले के 13 और गोंदिया जिले के 1 समर्पित माओवादी सदस्य को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई। लंबे समय तक जंगलों में रहने और नक्सली संगठन से जुड़े रहने के कारण इन लोगों का पारिवारिक जीवन प्रभावित हुआ था, जिसे सामान्य बनाने के लिए यह सर्जरी की गई।
गडचिरोली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सामान्य पारिवारिक जीवन जीने का अवसर देना है। पुलिस का मानना है कि पुनर्वास केवल रोजगार या सुरक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जीवन को भी मजबूत बनाना जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि गडचिरोली पुलिस बल की इस पहल के तहत अब तक कुल 50 आत्मसमर्पित माओवादी सदस्यों की नसबंदी रिवर्स सर्जरी कराई जा चुकी है। “प्रोजेक्ट संजीवनी” के माध्यम से पुलिस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार और प्रशासन हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।
यह पहल न केवल पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, बल्कि इससे आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में भरोसा भी बढ़ रहा है कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सकता है।