26मार्च2026
रायपुर से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है, जहां वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और आईजी पद पर पदस्थ रतनलाल डांगी को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित तस्वीरों के बाद लिया गया है। गृह विभाग ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की है।
सरकारी आदेश के अनुसार, डांगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में मामला संवेदनशील और गंभीर पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तय किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ, जो पुलिस विभाग में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी बताई जा रही है। महिला ने लिखित शिकायत में गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर कुछ कथित आपत्तिजनक फोटो वायरल हुए, जिससे मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। हालांकि, रतनलाल डांगी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया है।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के संकेत दे रही है, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।
पृष्ठभूमि:
राजस्थान के साधारण परिवार से आने वाले रतनलाल डांगी ने संघर्षपूर्ण जीवन के बाद आईपीएस पद हासिल किया था। शिक्षक से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक का उनका सफर काफी चर्चा में रहा है और वे छत्तीसगढ़ के कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। ऐसे में उनका निलंबन पुलिस प्रशासन में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।