‘रुकना सीखिए’ से जीवन में ठहराव का संदेश: राहुल कुमार पांडेय ने जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल को भेंट की पुस्तक

16मार्च2026

जगदलपुर -राहुल कुमार पांडेय की प्रेरणादायक पुस्तक “रुकना सीखिए” इन दिनों पाठकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। गणित व्याख्याता, लेखक और सामाजिक चिंतक राहुल कुमार पांडेय ने अपनी यह पुस्तक बलिराम बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी, बस्तर को सौजन्य भेंट की। इस दौरान शिक्षा, जीवन मूल्यों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।
इस अवसर पर बलिराम बघेल ने पुस्तक की विषयवस्तु और उद्देश्य की सराहना करते हुए कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोगों के लिए ठहरकर सोचने और आत्ममंथन करने की जरूरत है। उनके अनुसार “रुकना सीखिए” जैसी किताबें विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम पाठकों को धैर्य, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं।
लेखक राहुल कुमार पांडेय ने बताया कि यह पुस्तक जीवन की भागदौड़ में उलझे लोगों को ठहरकर खुद को समझने, अपनी गलतियों से सीखने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग सफलता की दौड़ में मानसिक तनाव और असंतुलन का सामना कर रहे हैं, ऐसे में यह पुस्तक जीवन को सरल और संतुलित बनाने की दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास है।
उन्होंने यह भी बताया कि “रुकना सीखिए” को पाठकों से लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पुस्तक को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और बड़ी संख्या में पाठक इसे खरीदकर पढ़ रहे हैं।
राहुल कुमार पांडेय के अनुसार यह पुस्तक केवल साहित्यिक रचना ही नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों और चिंतन का सार है, जो पाठकों को आत्मविश्लेषण और सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी पुस्तक को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसी रचनाएँ समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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