12मई 2026
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले चार दिनों से जिले के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी बनी हुई है, जिसके चलते लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
जिला मुख्यालय के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। जैसे ही किसी पंप पर पेट्रोल या डीजल आने की खबर मिलती है, वहां बाइक, ट्रैक्टर, बोलेरो और अन्य वाहनों की भीड़ उमड़ पड़ती है। लेकिन सीमित मात्रा में ईंधन मिलने के कारण अधिकांश लोगों को निराशा हाथ लग रही है।
इस संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। हाल ही में हुई हल्की बारिश के बाद किसान खेती-किसानी के काम में जुटना चाहते हैं, लेकिन डीजल की कमी के कारण ट्रैक्टर और कृषि मशीनें खेतों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। किसानों का कहना है कि यह खेती की तैयारी का महत्वपूर्ण समय है और यदि जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो फसलों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ईंधन वितरण पर नियंत्रण लगाया है। पेट्रोल पंप संचालकों को सीमित मात्रा में ही तेल देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डिब्बों में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगा दी गई है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ईंधन संकट से नाराज कई किसान और वाहन चालक कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं और प्रशासन को जल्द समाधान निकालना चाहिए। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।