मजदूरी से मालिक तक का सफर: बस्तर की ‘लखपति दीदी’ राजकुमारी बनीं ट्रैक्टर और कार की मालकिन

जगदलपुर, 12 मार्च 2026।
बस्तर के दरभा विकासखंड के ग्राम लेंड्रा की रहने वाली राजकुमारी कश्यप ने मेहनत और हौसले के दम पर अपनी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। कभी खेतों में मजदूरी कर परिवार चलाने वाली राजकुमारी आज एक सफल उद्यमी बनकर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने न सिर्फ आर्थिक तंगी को पीछे छोड़ा, बल्कि अपने परिवार के लिए समृद्धि का रास्ता भी तैयार किया।
राजकुमारी के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया जब वे वर्ष 2015 में बिहान योजना के तहत सूरजमुखी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह के प्रशिक्षण और सहयोग ने उनमें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास जगाया। इसके बाद उन्होंने पशुपालन, चूजा ब्रुडिंग यूनिट और राशन दुकान संचालन जैसे काम शुरू किए और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार करती चली गईं।
आज राजकुमारी एक सफल पशुपालन उद्यमी के रूप में जानी जाती हैं। वे अपने ब्लॉक के साथ-साथ आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी चूजों की सप्लाई और पशुओं के टीकाकरण का कार्य कर रही हैं। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि उनकी सालाना आय अब लगभग साढ़े तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच गई है।
कभी मिट्टी के घर में रहने वाली राजकुमारी ने आज पक्का मकान बना लिया है। खेती के लिए उनके पास अपना ट्रैक्टर है, साथ ही दो मोटरसाइकिल और एक चार पहिया कार भी है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाई और समाज में एक मजबूत पहचान भी बनाई है।
आज राजकुमारी कश्यप संकुल संगठन की अध्यक्ष के रूप में अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका अगला लक्ष्य अपनी खुद की हैचरी (मदर यूनिट) स्थापित कर व्यवसाय को और आगे बढ़ाना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल सके।

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