जगदलपुर, 8 मार्च 2026।
बस्तर के जंगलों से साहस और प्रकृति प्रेम की एक प्रेरक कहानी सामने आई है। करपावंड रेंज के मोखागांव के जंगल में शनिवार को लगी भीषण आग को बुझाने में जहां वन विभाग के कर्मचारी जुटे हुए थे, वहीं दो छोटे बच्चों ने भी अद्भुत हिम्मत दिखाते हुए आग से मुकाबला किया।
धनपुर गांव के रहने वाले 8 वर्षीय मुना (पिता मंगलू) और 10 वर्षीय तिलक (पिता मीनाधर) ने जंगल में उठती आग की लपटें देखीं तो बिना किसी डर के तुरंत मौके पर पहुंच गए। दोनों बच्चों ने वनकर्मियों के साथ मिलकर आग बुझाने में हाथ बंटाया। नन्हे हाथों का यह साहसिक प्रयास वहां मौजूद कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा बन गया।
बताया जा रहा है कि बच्चों की तत्परता और कर्मचारियों की टीमवर्क से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया, जिससे जंगल के बड़े हिस्से को नुकसान होने से बचा लिया गया।
इस सराहनीय कार्य पर बस्तर के वनमंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने दोनों बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही जंगलों की रक्षा के प्रति उनका समर्पण पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। वन विभाग ने दोनों बच्चों को औपचारिक रूप से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
वन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वनों में आग लगाना भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत दंडनीय अपराध है। यदि कहीं जंगल में आग दिखाई दे तो तुरंत फायर कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1800 233 7000 पर सूचना देने की अपील की गई है।
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