अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां बचरापोड़ी पुलिस चौकी में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ (सब-इंस्पेक्टर) और उनके सहयोगी ध्रुव प्रसाद यादव (एएसआई) शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि मामला एक मर्ग जांच से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जांच के दौरान उसे झूठे तरीके से प्रकरण में फंसाने की धमकी दी जा रही थी और बचाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की गई। प्रारंभिक तौर पर 50 हजार रुपये मांगे गए थे, लेकिन बाद में सौदेबाजी के बाद 25 हजार रुपये पर सहमति बनी।
जानकारी के अनुसार, बचरापोड़ी चौकी क्षेत्र में रहने वाले सतेंद्र प्रजापति के घर के सामने कुछ समय पहले एक हादसा हुआ था, जिसमें पड़ोस के डेढ़ वर्षीय बच्चे की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। आरोप है कि इसी जांच का दबाव बनाकर रिश्वत की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले की गोपनीय जांच की। आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ भेजा गया। जैसे ही दोनों पुलिसकर्मियों ने पैसे स्वीकार किए, पहले से मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अंबिकापुर/कोरिया जिला: मर्ग जांच में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगना पड़ा भारी, चौकी प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी एसीबी के हत्थे चढ़े