फुलबानी (कंधमाल)। ओडिशा के कंधमाल जिले में चल रहे माओवादी विरोधी अभियानों के बीच सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। रायकिया थाना क्षेत्र के नंदबाली आरक्षित वन में हुई मुठभेड़ में एक महिला कैडर सहित दो माओवादी मारे गए। मारे गए माओवादियों की पहचान केकेबीएम डिवीजन के उप-कमांडर जागेश और महिला कार्यकर्ता रत्ना के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
मीडिया को जानकारी देते हुए एडीजी (नक्सल विरोधी अभियान) संजीव पांडा ने बताया कि विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर सीआरपीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और जिला स्वयंसेवी बल (डीवीएफ) की संयुक्त टीम ने 20 फरवरी की रात जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से चली गोलीबारी अगले दिन सुबह करीब 11 बजे तक जारी रही, जिसमें दो माओवादी मारे गए।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल पर बने माओवादी कैंप को ध्वस्त कर दिया और वहां से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री तथा दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया। जब्त सामग्री में एक एके-47 राइफल, अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूबीजीएल), 7.62 मिमी राइफल, मैगजीन, यूबीजीएल ग्रेनेड, जिंदा कारतूस, डेटोनेटर, वायरलेस उपकरण, सोलर पैनल, दवाइयां और माओवादी साहित्य शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार उप-कमांडर जागेश पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि रत्ना पर 1.65 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारियों का अनुमान है कि कंधमाल जिले में फिलहाल करीब 30 माओवादी सक्रिय हैं और उन्हें खत्म करने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। केंद्र सरकार के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 31 मार्च तक जिले को माओवादी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रेस वार्ता में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीआईजी अखिलेश्वर सिंह, आईजी दीपक कुमार, आईजी नीति शेखर, कंधमाल एसपी हरीश बीसी और एएसपी रामेंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिसंबर में कंधमाल-गंजाम सीमा पर हुई कार्रवाई में केकेबीएम डिवीजन के केंद्रीय समिति सदस्य गणेश उइके समेत कई माओवादी मारे गए थे, जबकि 6 फरवरी को चार माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण भी किया था।
माओवादी नेटवर्क पर करारा प्रहार: कंधमाल में संयुक्त ऑपरेशन में दो नक्सली मारे गए