जगदलपुर। बस्तर जिले को हाथीपांव (फाइलेरिया) से मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। 10 फरवरी से आरंभ हुआ यह विशेष सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम 25 फरवरी तक चलेगा। अभियान के तहत तोकापाल, बस्तर और बकावंड ब्लॉक में युद्ध स्तर पर दवा वितरण और सेवन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा नगरीय प्रशासन सहित कुल 13 विभाग साझा रणनीति के तहत कार्य कर रहे हैं। शुरुआती तीन दिनों में सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष बूथ लगाकर दवा खिलाई जा रही है। इसके बाद स्वास्थ्य दल घर-घर पहुंचकर प्रत्यक्ष निगरानी में प्रत्येक नागरिक को दवा का सेवन कराएंगे, ताकि संक्रमण की कड़ी को प्रभावी रूप से तोड़ा जा सके।
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्पष्ट किया है कि 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को दवा का सेवन नहीं करना है। उन्होंने तीनों ब्लॉकों के नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान में सक्रिय सहयोग दें और निर्धारित दवा का सेवन कर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में भागीदार बनें।
प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिकतम जनसहभागिता के साथ इस बीमारी पर स्थायी नियंत्रण स्थापित किया जाए और बस्तर को स्वस्थ एवं सुरक्षित जिले के रूप में स्थापित किया जाए।
बस्तर में फाइलेरिया पर वार: 10 से 25 फरवरी तक चलेगा ‘महाभियान’, 13 विभागों की संयुक्त रणनीति