5 मार्च तक रहेगी सख्ती, एसएसबी और नेपाल एपीएफ की संयुक्त निगरानी
3मार्च 2026
सुपौल/बिहार: पड़ोसी देश नेपाल में होने जा रहे प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए 2 मार्च की आधी रात से 5 मार्च की आधी रात तक भारत-नेपाल सीमा को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है।
सीमा सील होने के साथ ही बिहार के सीमावर्ती जिलों — किशनगंज, अररिया, सुपौल और मधुबनी — में चौकसी बढ़ा दी गई है। मुख्य मार्गों, चेकपोस्ट और संवेदनशील इलाकों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू
भारतीय सीमा की जिम्मेदारी सशस्त्र सीमा बल (SSB) संभाल रही है, जबकि नेपाल की ओर से सुरक्षा की कमान आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के हाथों में है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच पूर्व समन्वय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया था कि चुनाव अवधि में सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
एसएसबी अधिकारियों के मुताबिक सीमा पर मौजूद सभी बॉर्डर आउट पोस्ट को अलर्ट पर रखा गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और संयुक्त पेट्रोलिंग भी की जाएगी।
जरूरी हालात में मिल सकती है राहत
हालांकि, आपातकालीन और मानवीय परिस्थितियों में सीमित आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि चुनाव और मतगणना प्रक्रिया पूरी होते ही 5 मार्च की आधी रात के बाद स्थिति सामान्य कर दी जाएगी और बॉर्डर फिर से खोल दिया जाएगा।
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, ऐसे में दोनों देशों की एजेंसियां आपसी सहयोग के साथ चुनावी सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं।