जगदलपुर, 3 फरवरी 2026 – बस्तर में हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे 28 आत्मसमर्पित माओवादियों के जीवन में अब उम्मीद और नई दिशा दिखाई देने लगी है। उनके कौशल विकास और भविष्य निर्माण की दिशा में यह बदलाव देखने के लिए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा मंगलवार को आड़ावाल स्थित नुवा बाट पहुंचे।
जिला प्रशासन का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि उन युवाओं के प्रति शासन की संवेदनशीलता और समर्थन का प्रतीक भी था, जो अब जंगलों की भटकन छोड़कर हथियारों के बजाय औजार थामकर अपने जीवन को नया आयाम दे रहे हैं।
कलेक्टर छिकारा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि इन युवाओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उनका ध्यान इस बात पर रहा कि मुख्यधारा में लौटे लोग कौशलमंद बनें और स्वाभिमान के साथ जीवन व्यतीत करें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन और डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदिनी साहू भी मौजूद थे। अधिकारियों ने नुवा बाट में चल रही गतिविधियों का अवलोकन किया और यह सुनिश्चित किया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर कोई समझौता न हो।
बंदूक छोड़कर हाथों में औजार थामने वाले इन युवाओं का उत्साह और प्रशासन की यह पहल बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत लिख रही है। इस कदम से यह संदेश भी जाता है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा और कौशल विकास ही स्थायी बदलाव और विकास का मूल आधार है।
बस्तर: हथियार छोड़ नए कौशल के साथ लौटे माओवादी, कलेक्टर ने नुवा बाट का निरीक्षण किया