बीजापुर | 31 जनवरी 2026
नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के सुदूर ग्राम अदवाड़ा (थाना फरसेगढ़) में सुरक्षा एवं विकास को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। 31 जनवरी 2026 को ग्राम अदवाड़ा में नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक की गई।
यह कैम्प डीआरजी, एसटीएफ, जिला बल एवं छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (02री वाहिनी “ई” समवाय) की संयुक्त टीमों द्वारा स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य माओवादियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के साथ-साथ क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास को गति देना है।
प्राकृतिक चुनौतियों के बीच बड़ी उपलब्धि
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंचविहीन मार्गों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और उच्च मनोबल का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 33 नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की जा चुकी है, जो नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
अंतर्राज्यीय संपर्क और आधारभूत ढांचे को मिलेगा बल
नवीन कैम्प की स्थापना से भोपालपटनम्–फरसेगढ़–सेण्ड्रा–गढ़चिरौली मार्ग को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इससे राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के सुदूर ग्रामों तक सड़क, संचार और प्रशासनिक पहुंच को मजबूती मिलेगी।
सुरक्षा के साथ विकास का समन्वय
कैम्प की स्थापना से स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), मोबाइल नेटवर्क, सड़क एवं पुल-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इससे क्षेत्र में स्थायी शांति, विश्वास और सामाजिक-आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
नक्सल उन्मूलन में ठोस परिणाम
सुरक्षा बलों की निरंतर कार्यवाही के परिणामस्वरूप—
876 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास अपनाया,
231 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए,
1151 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रशासनिक नेतृत्व में समन्वित प्रयास
यह उपलब्धि सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज के मार्गदर्शन तथा
डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक बीजापुर,
रविन्द्र कुमार मीणा (अति. पुलिस अधीक्षक ऑप्स),
मनोज तिर्की (अति. पुलिस अधीक्षक),
अमन लखीसरानी (अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, फरसेगढ़) एवं
सिद्धार्थ सिंह चौहान (उप पुलिस अधीक्षक, बीजापुर)
की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के अंतर्गत संपन्न हुई।
माओवादी प्रतीक पर करारा प्रहार
इसी क्रम में 30 जनवरी 2026 को सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान ग्राम अदवाड़ा के जंगलों में माओवादियों द्वारा निर्मित अवैध स्मारक को ध्वस्त किया गया।
क्षेत्र में माओवादी प्रभाव समाप्त करने और आम नागरिकों में विश्वास बहाली के लिए सुरक्षा बलों का अभियान निरंतर जारी है।