कड़ी निगरानी और सख्त दिशा-निर्देशों के बीच संपन्न हुई ‘बाल देखरेख संस्था अधीक्षक’ परीक्षाजगदलपुर में 1045 में से 784 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, जैमर और मेटल डिटेक्टर से रही चाक-चौबंद सुरक्षा

जगदलपुर, 18 जनवरी 2026/
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत अधीक्षक (बाल देखरेख संस्था) पदों की भर्ती हेतु रविवार को जगदलपुर में आयोजित परीक्षा जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी वातावरण में संपन्न हुई। कलेक्टर  हरिस एस के निर्देश पर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बेहद सख्त रखी गई थीं।
शहर के दो निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली इस परीक्षा में कुल पंजीकृत 1045 अभ्यर्थियों में से 784 अभ्यर्थियों ने सहभागिता की। शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय केंद्र में पंजीकृत 545 में से 400 तथा जगतू माहरा शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 500 में से 384 परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
परीक्षा के सफल संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर  नंदनी साहू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। वहीं निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष उड़नदस्ता दल का गठन किया गया, जिसमें नायब तहसीलदार  डोमन लाल, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख  ब्रज भूषण देवांगन एवं सहायक उप निरीक्षक  राजकुमार शामिल थे। उड़नदस्ता दल द्वारा दोनों परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया गया।
आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस बार सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष सख्ती बरती गई। परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए गए थे ताकि किसी भी प्रकार के संचार साधनों का दुरुपयोग न हो सके। प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस बल द्वारा मेटल डिटेक्टर से अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली गई। ड्रेस कोड का भी सख्ती से पालन कराया गया, जिसके तहत अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े और सामान्य पैंट पहनकर ही परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई। मोटे सोल वाले जूतों पर प्रतिबंध रहा और केवल पतले सोल की चप्पल या स्लीपर पहनने की अनुमति दी गई।
समय पालन को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। परीक्षा प्रारंभ होने से 15 मिनट पूर्व सुबह 9:45 बजे ही केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र, मूल पहचान पत्र एवं पेन ले जाने की अनुमति दी गई, जबकि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।
प्रशासनिक सख्ती और आयोग के कड़े निर्देशों के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई, जिससे अभ्यर्थियों में भी व्यवस्था को लेकर संतोष देखा गया।

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