प्रकृति, पर्यटन और परंपरा का संगम बनेगी ‘जनजातीय गौरव वाटिका’कुम्हड़ाकोट में 3 करोड़ की इको-फ्रेंडली वाटिका का मंत्री केदार कश्यप ने किया निरीक्षण

जगदलपुर, 18 जनवरी 2026/
बस्तरवासियों को जल्द ही शहर की आपाधापी और प्रदूषण से दूर सुकून के पल बिताने के लिए एक खास सौगात मिलने जा रही है। जगदलपुर के समीप कुम्हड़ाकोट में निर्माणाधीन ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनने की ओर अग्रसर है। शनिवार को वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस वाटिका का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान वन मंडलाधिकारी श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना को पहले हेल्थ पार्क के रूप में विकसित किया जाना था, लेकिन अब इसे एक भव्य, बहुउद्देशीय और पर्यावरण-अनुकूल वाटिका का स्वरूप दिया गया है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए यहां लगभग 1700 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रेल बनाया गया है। साथ ही योगा शेड, योगा ज़ोन और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
वाटिका को सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए वॉकिंग ट्रेल के बीच-बीच में ‘गपशप ज़ोन’ तैयार किए गए हैं, जहां बैठने की उचित व्यवस्था रहेगी। पारिवारिक आयोजनों, बर्थडे पार्टी और छोटे कार्यक्रमों के लिए पांच आकर्षक पगोड़ा बनाए गए हैं, जिन्हें बुक किया जा सकेगा। बच्चों के लिए अलग से प्ले एरिया विकसित किया जा रहा है, जबकि प्राकृतिक वातावरण में भोजन का आनंद लेने हेतु विशेष डाइनिंग ज़ोन भी तैयार किया गया है, जिसका संचालन स्थानीय महिला समूहों या समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
‘जनजातीय गौरव वाटिका’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी इको-फ्रेंडली अवधारणा है। यह संपूर्ण क्षेत्र ‘प्लास्टिक फ्री ज़ोन’ होगा। बाहर से किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। वाटिका के भीतर संचालित कैंटीन में बायो-डिग्रेडेबल दोने और पत्तलों में ही भोजन परोसा जाएगा।
यह वाटिका जैव-विविधता संरक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगी। कांगेर घाटी और बस्तर के अन्य वन क्षेत्रों से विलुप्त हो रही दुर्लभ स्थानीय प्रजातियों के पौधों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के आकर्षक ऑर्किड यहां संरक्षित किए जा रहे हैं। इसके अलावा तालाब और उसके भीतर आइलैंड का निर्माण भी किया गया है, जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होगा।
आगंतुकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग, टिकट काउंटर तथा महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था की गई है। विभाग की भविष्य की योजनाओं में ट्री-हाउस और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री  केदार कश्यप ने कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बनेगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देगी। आने वाले समय में यह वाटिका बस्तर की पहचान का एक प्रमुख केंद्र बनेगी।

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