जगदलपुर, 15 मई 2026।
अस्वच्छ व्यवसायों से जुड़े परिवारों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य शासन ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत शुष्क शौचालयों की सफाई, चर्म शोधन (टैनर्स), चमड़ा निकालने (फ्लेयर्स), कचरा बीनने तथा खतरनाक अपशिष्ट की सफाई जैसे कार्यों में लगे परिवारों के कक्षा पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
शासन ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए “अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र” को भी पूरी तरह ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था लागू की है। अब पात्र परिवार लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से एसडीएम या तहसीलदार स्तर से ऑनलाइन प्रमाण-पत्र बनवा सकेंगे। यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा चिप्स के समन्वय से शुरू की गई है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ 10 रुपए के स्टांप पेपर पर शपथ-पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही आवेदन की पुष्टि हेतु संबंधित क्षेत्र के सरपंच या पार्षद और हल्का पटवारी के हस्ताक्षर भी आवश्यक होंगे। इसी प्रमाण-पत्र के आधार पर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।
जिले में योजना का लाभ हर पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रधान पाठकों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को ऐसे परिवारों की पहचान कर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा समय पर ऑनलाइन आवेदन और प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अस्वच्छ व्यवसाय से जुड़े परिवारों के बच्चों को मिलेगा शिक्षा का सहारा, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू