जगदलपुर, 15 जनवरी 2026।
बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा और लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित बस्तर पंडुम 2026 का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया है। इसी क्रम में गुरुवार को विकासखंड मुख्यालय बस्तर और बकावंड में ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया गया, जहां मांदर की थाप, लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
बस्तर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप तथा सांसद बस्तर महेश कश्यप की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। वहीं बकावंड में आयोजित कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप ने प्रतिभागियों की हौसला-अफजाई की।
कार्यक्रम के दौरान विकासखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का मनोहारी प्रदर्शन किया। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप, बस्तर के पारंपरिक व्यंजन, वन औषधियां और हस्तशिल्प ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अपनी जड़ों और परंपराओं को जीवित रखने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। यह मंच नई पीढ़ी को अपनी विरासत पर गर्व करना सिखाता है और हमारी बोली-भाषा, तीज-त्यौहार, खान-पान और रीति-रिवाजों के संरक्षण का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर के कण-कण में कला बसती है। गांव-गांव में छिपी इस प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर पंडुम एक क्रांतिकारी पहल है, जो ग्रामीण कलाकारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मजबूत कदम है।
इस मौके पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
बस्तर–बकावंड में बस्तर पंडुम की गूंज, मांदर की थाप पर थिरकी जनजातीय संस्कृति