‘टेली-लॉ’ योजना से घर बैठे वकीलों की सीधी सलाह, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
जगदलपुर-, 12 जनवरी भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा संचालित डिजिटल इंडिया की महत्वाकांक्षी पहल सीएससी टेली-लॉ योजना अब बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में न्याय को सरल, सुलभ और सस्ता बना रही है। इस योजना के विस्तार से बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अब कानूनी सलाह के लिए जिला मुख्यालय या बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, बल्कि वे अपने ही गांव में यह सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
इस अभिनव व्यवस्था के तहत नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर देश के अनुभवी वकीलों से वीडियो कॉल या फोन कॉल के माध्यम से सीधे संवाद कर सकते हैं। यह सुविधा न केवल समय की बचत कर रही है, बल्कि ग्रामीणों को शहर आने-जाने के भारी खर्च से भी राहत दे रही है। शासन द्वारा निर्धारित पात्र श्रेणियों के लिए यह कानूनी परामर्श पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे सामाजिक न्याय और ग्रामीण सशक्तिकरण को मजबूती मिल रही है।
टेली-लॉ योजना के अंतर्गत नागरिकों को पारिवारिक कानूनों से जुड़े मामलों—जैसे विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और घरेलू विवाद—में घर बैठे मार्गदर्शन मिल रहा है। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र में प्रचलित भूमि एवं संपत्ति विवाद, नामांतरण, बंटवारा और अवैध कब्जे जैसे मामलों में भी विशेषज्ञ वकीलों द्वारा सटीक कानूनी सलाह दी जा रही है। महिला एवं बाल अधिकारों के तहत घरेलू हिंसा, भरण-पोषण जैसे संवेदनशील विषयों को प्राथमिकता दी गई है, वहीं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और संपत्ति अधिकारों के संरक्षण की भी व्यवस्था की गई है।
योजना का दायरा अत्यंत व्यापक है। इसमें दीवानी और फौजदारी दोनों प्रकार के मामले शामिल हैं। नागरिक एफआईआर, जमानत और पुलिस कार्यवाही जैसे आपराधिक मामलों में सलाह ले सकते हैं, वहीं नोटिस, वसूली और अनुबंध विवाद जैसे सिविल मामलों में भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त श्रम कानून, उपभोक्ता संरक्षण, पेंशन, राशन और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं से जुड़े अधिकारों के लिए भी ग्रामीण सीधे वकीलों से परामर्श ले रहे हैं। किरायेदारी विवादों और कानूनी दस्तावेजों की ड्राफ्टिंग—जैसे नोटिस या शपथ पत्र—में भी यह योजना उपयोगी साबित हो रही है।
योजना के जमीनी क्रियान्वयन में कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLE) की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीएससी मैनेजर श्री प्रदीप कुमार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में एक सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद कानूनी सहायता तंत्र विकसित करना है। वीएलई नागरिकों का पोर्टल पर पंजीकरण कर वकीलों के साथ ऑनलाइन परामर्श की समय-सारणी तय करते हैं। उन्होंने सभी वीएलई से “एक कॉल – एक समाधान” के मंत्र को साकार करने की अपील की है।
प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी कानूनी समस्या के समाधान के लिए अपने नजदीकी सीएससी केंद्र से संपर्क कर इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की समान पहुँच सुनिश्चित हो सके।