नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2026। आसमान में उड़ रहे एक यात्री विमान में अचानक ऐसी स्थिति बन गई, जिसने सवार लोगों की जान खतरे में डाल दी। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए संघर्ष के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। इस मुश्किल वक्त में भारतीय पायलट स्मित मछार ने घायल होने के बावजूद विमान का नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की और बड़ी दुर्घटना टल गई।
33 हजार फीट पर शुरू हुआ संघर्ष
रिपोर्ट के अनुसार, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर थी। इसी दौरान ओमान के सह-पायलट ने विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने का प्रयास किया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि भारतीय पायलट पर चाकू से हमला किया गया।
हमले में स्मित मछार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का नियंत्रण आसानी से हाथ से नहीं जाने दिया। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। बताया गया कि महज करीब 30 सेकंड में विमान ने लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई गंवा दी।
7700 और 7500 कोड ने बढ़ाई चिंता
आपात स्थिति के बीच विमान से 7700 स्क्वॉक कोड भेजा गया। इसके बाद 7500 कोड भी प्रसारित हुआ। 7700 सामान्य आपात स्थिति का संकेत है, जबकि 7500 का इस्तेमाल विमान के हाईजैक होने की स्थिति बताने के लिए किया जाता है।
इन संकेतों के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बाहर की दुनिया में विमान के हाईजैक होने की आशंका पैदा हो गई।
यात्रियों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना के दौरान एक इजरायली यात्री के कॉकपिट तक पहुंचने और चालक दल के सदस्य के साथ मिलकर सह-पायलट को काबू करने की जानकारी सामने आई। इस दौरान विमान के नियंत्रण को बनाए रखने की कोशिश जारी रही।
आखिरकार विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और उसमें सवार 174 यात्रियों की जान बच गई। घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित मछार की भूमिका चर्चा में आ गई है।
क्या हुआ था विमान में?
घटना के शुरुआती विवरणों के मुताबिक, यह मामला केवल तकनीकी खराबी का नहीं था, बल्कि कॉकपिट के भीतर पैदा हुए संघर्ष से जुड़ा था। हालांकि घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारियों की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।