जगदलपुर, 29 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को जगदलपुर में अधिकारियों की बैठक लेकर बस्तर में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटें और प्रभावित परिवारों की जरूरतों का लगातार आकलन कर समय पर सहायता उपलब्ध कराएं।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता व्यवस्था और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य दलों को सक्रिय रखने और जरूरत के अनुसार चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राहत शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल और अन्य जरूरी सामग्री की पर्याप्त एवं नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण और आकलन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने शासकीय परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर मरम्मत के प्रस्ताव शासन को भेजने को भी कहा।
उन्होंने अधिकारियों को निचले और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बचाव एवं राहत दलों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। साथ ही इस आपदा की घड़ी में स्वयंसेवी संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं से भी राहत कार्यों में सहयोग की अपील की।
बैठक में महापौर संजय पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना सहित संभाग और जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।