जगदलपुर, 13 अक्टूबर 2026। बस्तर जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि से फसल क्षति के मामलों में प्रभावित किसानों को समय पर राहत दिलाने के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा ने राजस्व अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर सभी प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पटवारियों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के साथ एसडीएम और तहसीलदार स्वयं प्रभावित गांवों में जाकर नुकसान का सत्यापन करें, ताकि पात्र किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
कलेक्टर ने मंगलवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में बाढ़ आपदा से हुए नुकसान और आरबीसी 6-4 के तहत राहत प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य केंद्र, कार्यालयों, सड़कों और पुल-पुलियों का सर्वे कर मरम्मत के प्रस्ताव जल्द तैयार करने और राज्य शासन को भेजने के निर्देश भी दिए।
23 अक्टूबर को राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने और तैयारियों की नियमित निगरानी के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
हर ग्राम पंचायत में चलेंगे 4 से 5 रोजगारमूलक कार्य
विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी योजना के तहत डबरी और तालाब निर्माण जैसे रोजगारमूलक कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में चार से पांच रोजगारमूलक कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।
इसके साथ ही जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाकर प्रगति बढ़ाने और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अद्यतन प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर सीपी बघेल और दिलेराज डाहिरे, नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, जिले के तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और विकासखंड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।