जगदलपुर, 28 सितम्बर 2026। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से बस्तर अंचल में हुई मूसलाधार बारिश के बाद इंद्रावती नदी में भीषण बाढ़ की स्थिति बनी। नदी का जलस्तर बढ़कर 12.39 मीटर तक पहुंच गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में दर्ज सर्वाधिक जलस्तर है। इससे पहले 9 जुलाई 1973 को 12.18 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। इंद्रावती नदी का खतरे का स्तर 8.3 मीटर निर्धारित है।
बाढ़ के कारण इंद्रावती नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में पानी भर गया। बोड़ना और भेजापदर जैसे गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया।
अब तक 833 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें 821 नागरिकों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया, जबकि डोंगाघाट में फंसे 12 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला गया।
जलस्तर में कमी आने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों में भी तेजी लाई जा रही है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जिले में 65 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां कुल 8,894 लोगों को ठहराया गया है। इनमें शहरी क्षेत्र के 8 शिविरों में 2,620 और ग्रामीण क्षेत्र के 57 शिविरों में 6,274 प्रभावित नागरिक शामिल हैं।
राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य परीक्षण सहित जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखते हुए राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं।