इंदौर 18सितंबर 2026/मध्य प्रदेश के इंदौर से मां-बेटे के रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि चार बेटों ने अपनी बुजुर्ग मां को उसके घर से बेदखल कर दिया और बाद में उसकी सुध तक नहीं ली। महिला की मौत के बाद भी चारों बेटे अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, सिलिकॉन सिटी क्षेत्र की गणेश रेसिडेंसी में रहने वाली लता बाई ने अपनी जीवनभर की बचत से फ्लैट खरीदा था। आरोप है कि बाद में उनके बेटों ने यह फ्लैट अपने नाम करा लिया और मां को घर से बाहर कर दिया। इसके बाद लता बाई को सड़क पर रहने की स्थिति का सामना करना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी संस्था प्रीयु फाउंडेशन के अजय नागदा ने उनकी मदद की। उनका मेडिकल चेकअप कराने के बाद लता बाई को वृद्धाश्रम में रहने की व्यवस्था की गई। बताया गया कि वह करीब आठ महीने से वृद्धाश्रम में रह रही थीं और संस्था के लोग उनकी देखभाल कर रहे थे।
तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई। संस्था के अनुसार, इसकी सूचना उनके बेटों को दी गई, लेकिन चारों ने अंतिम संस्कार में शामिल होने और मुखाग्नि देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद संस्था से जुड़े लोगों ने कई दिनों तक बेटों का इंतजार किया। जब वे नहीं पहुंचे तो पोस्टमार्टम के बाद समाजसेवियों ने चंदा जुटाकर इंदौर के रीजनल पार्क में लता बाई का अंतिम संस्कार कराया।
इस घटना ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।