धमतरी/नगरी, 12 सितंबर 2026। बारिश के मौसम में वनांचल क्षेत्रों में आवागमन की मुश्किलें एक बार फिर सामने आई हैं। नगरी ब्लॉक के कछारपारा गांव में एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीणों को बेहद जोखिम भरा रास्ता अपनाना पड़ा। नाले पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीण मरीज को खाट पर बैठाकर पानी के तेज बहाव के बीच से लेकर गए।
जरूरत पड़ी तो ग्रामीणों ने बनाया रास्ता
मरीज की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाना जरूरी था। लेकिन बारिश के कारण गांव के पास स्थित नाले में पानी काफी बढ़ गया था। ऐसे हालात में वाहन से निकलना संभव नहीं था। इसके बाद ग्रामीणों ने खाट का इंतजाम किया और मरीज को उस पर बैठाकर कई लोग मिलकर नाला पार कराने लगे।
यह तस्वीर बताती है कि बारिश के दिनों में गांव के लोगों के सामने किस तरह छोटी दूरी भी बड़ी चुनौती बन जाती है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार नाले में पानी बढ़ने के बाद कछारपारा का संपर्क प्रभावित हो जाता है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें इलाज के लिए बाहर जाना होता है। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए भी ऐसी स्थिति में आवागमन मुश्किल हो जाता है।
ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच रूपेश कुमार ने बताया कि नाले पर पुल बनाने की मांग संबंधित अधिकारियों के सामने कई बार रखी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक निर्माण को लेकर स्वीकृति और बजट उपलब्ध नहीं हो सका है।
पुल बनने से खत्म हो सकती है समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में नाले का जलस्तर बढ़ने के साथ यही परेशानी दोबारा खड़ी हो जाती है। उनका कहना है कि स्थायी पुल बनने से गांव के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी आसान होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।