कोलकाता 8सितम्बर 2026/तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कृष्णानगर के मजिस्ट्रेट द्वारा उनके खिलाफ शिकायत मामले में लिए गए संज्ञान के आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही मामले को सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बिधाननगर की विशेष MP/MLA कोर्ट में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस देबांग्सु बसाक और जस्टिस आर्यक दत्त की डिवीजन बेंच ने 7 सितंबर को यह आदेश महुआ मोइत्रा की क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनाया। याचिका में उन्होंने नादिया के कृष्णानगर स्थित तीसरे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित शिकायत केस नंबर 309/2026 में संज्ञान लिए जाने को चुनौती दी थी।
मजिस्ट्रेट का संज्ञान लेने का आदेश रद्द
हाईकोर्ट ने पाया कि कृष्णानगर की संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित विशेष अदालत नहीं है। इसलिए कोर्ट ने शिकायत को बिधाननगर स्थित संबंधित MP/MLA स्पेशल कोर्ट में भेजने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रांसफर होने वाली अदालत इस मामले को ‘प्री-कॉग्निजेंस स्टेज’ यानी संज्ञान से पहले के चरण पर मानेगी। इसके चलते कृष्णानगर के मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने का आदेश और उसके बाद पारित सभी आदेश एवं कार्यवाहियां रद्द कर दी गईं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
डिवीजन बेंच ने ‘असीम कुमार उपाध्याय बनाम भारत संघ व अन्य’ (2017 SCC OnLine SC 2195) समेत सुप्रीम कोर्ट के संबंधित फैसलों का हवाला दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मंशा रही है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई निर्धारित विशेष अदालतों में जल्द से जल्द पूरी हो।
कोर्ट ने कहा कि वह पक्षकारों द्वारा उठाए गए अन्य कानूनी मुद्दों और बहस में जाना नहीं चाहती और मामले को निर्धारित विशेष अदालत में भेजना उचित समझती है।
रिकॉर्ड तुरंत ट्रांसफर करने का निर्देश
हाईकोर्ट ने नादिया के डिस्ट्रिक्ट जज को शिकायत केस नंबर 309/2026 से जुड़े सभी रिकॉर्ड तुरंत उत्तर 24 परगना के डिस्ट्रिक्ट जज को भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद उत्तर 24 परगना के डिस्ट्रिक्ट जज रिकॉर्ड को बिधाननगर की संबंधित MP/MLA स्पेशल कोर्ट में भेजेंगे।
विशेष अदालत को निर्देश दिया गया है कि वह महुआ मोइत्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करे और मामले को प्री-कॉग्निजेंस स्टेज से शुरू माने।
यानी हाईकोर्ट के आदेश से महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट और उसके आधार पर हुई आगे की कार्यवाही फिलहाल रद्द हो गई है, जबकि शिकायत का मामला खत्म नहीं हुआ है। अब इसकी सुनवाई निर्धारित MP/MLA स्पेशल कोर्ट में होगी।