नई दिल्ली 6सितंबर 2026/स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब स्टूडेंट एक्टिविस्ट निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद को लेकर भी मामला गरमा गया है। सुप्रीम कोर्ट की एक महिला वकील ने दिल्ली साइबर पुलिस के सामने शिकायत देकर दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निशु आजाद के सोशल मीडिया अकाउंट से हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं को लेकर ऐसी पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें आपत्तिजनक माना जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इन पोस्ट को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
चार सोशल मीडिया पोस्ट को बनाया आधार
शिकायत के अनुसार, निशु आजाद के एक्स अकाउंट से अलग-अलग समय पर चार पोस्ट साझा की गई थीं। इनमें भगवान शिव, भगवान कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से संबंधित कथित आपत्तिजनक सामग्री होने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इन पोस्ट को जानबूझकर इस तरह प्रकाशित किया गया, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने पुलिस से इन पोस्ट की वास्तविकता, संदर्भ और अकाउंट के संचालन की जांच करने की मांग की है।
BNS की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग
वकील ने अपनी शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत लागू प्रावधानों की भी जांच किए जाने का अनुरोध किया गया है।
शिकायत में सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। इसमें अकाउंट की गतिविधियों से संबंधित आईपी लॉग, इस्तेमाल किए गए डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज प्रकरण से जुड़ा है विवाद
निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ शिकायत ऐसे वक्त आई है जब स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन का दौर चल रहा है।
स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने एक इंटरव्यू में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट करने की बात कही थी। उनके इस कथित बयान के बाद विवाद बढ़ गया और उनकी गिरफ्तारी की मांग उठी।
मामले में अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समूहों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। वहीं, अब निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ हुई शिकायत से विवाद का दायरा और बढ़ गया है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।