कटनी: 23अगस्त 2026मध्य प्रदेश के कटनी में जमीन हेराफेरी के मामले में निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने नेहा और उनके दो करीबियों की गिरफ्तारी के लिए जबलपुर समेत कई शहरों और राजस्थान तक टीमें भेजी हैं।
आरोप है कि नेहा ने एक हत्यारोपित पर दबाव बनाकर करीब एक करोड़ रुपये कीमत की जमीन महज 18 लाख रुपये में अपने करीबी के नाम करा ली। मामले में नेहा और उनके दो करीबियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके बाद नेहा समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
सरकारी आवास में दो दिन रखने का आरोप
जांच में आरोप सामने आया है कि नेहा ने हत्यारोपित रमेश लोधी को अपने सरकारी आवास में दो दिन तक रखा। इसके बाद उसे सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया और जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।
रजिस्ट्री के बाद रमेश ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की और नामांतरण रोकने के लिए पटवारी के पास आवेदन दिया। आरोप है कि इसके बाद उस पर कथित तौर पर 75 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया गया। पैसे देने से इनकार करने पर रमेश और उसके दामाद को मामले में फंसाकर जेल भेजने का आरोप भी है।
अग्रिम जमानत पर सोमवार को सुनवाई संभव
नेहा पच्चीसिया और उनके करीबी क्षितिज राज बारापत्रे की ओर से जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई गई है। शनिवार को केस डायरी समय पर नहीं पहुंचने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब सोमवार को मामले में सुनवाई होने की संभावना है।
जबलपुर आईजी प्रमोद कुमार वर्मा ने मामले की जांच एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी है। जांच के दायरे में वे अधिकारी और पुलिसकर्मी भी हैं, जिन पर मामले में मदद करने का आरोप है।
नोट: जमीन की हेराफेरी और अन्य आरोप जांच में सामने आए हैं; आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।