सुरक्षा मिली तो खोल दूंगा महादेव ऐप का पूरा राज! सौरभ चंद्राकर का बड़ा दावा, राजनीतिक कनेक्शन से विदेशों की संपत्तियों तक बताएगा राज

रायपुर। 22अगस्त 2026/महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कथित किंगपिन सौरभ चंद्राकर ने भारत प्रत्यर्पण से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान में हिरासत में मौजूद चंद्राकर ने आशंका जताई है कि भारत की जेल में उसकी जान को खतरा हो सकता है। उसने अपने साथ-साथ परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।

चंद्राकर का कथित दावा है कि यदि भारत लाए जाने के बाद उसे पर्याप्त सुरक्षा और निष्पक्ष माहौल दिया जाता है, तो वह जांच एजेंसियों और अदालत के सामने महादेव ऐप से जुड़े नेटवर्क की अहम जानकारी देने को तैयार है।

राजनीतिक कनेक्शन और पैसों के लेन-देन का खोलेगा राज?

सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर दावा किया है कि उसके पास महादेव ऐप नेटवर्क से जुड़े राजनीतिक कनेक्शन, पैसों के लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी है। उसने जांच में सहयोग के लिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से अलग और सुरक्षित रखने की मांग भी की है।

हालांकि, चंद्राकर की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां उसके बयानों को उपलब्ध दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर ही परखेंगी।

परिवार की सुरक्षा और न्यायिक निगरानी की मांग

चंद्राकर ने कथित तौर पर अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है। उसने पूछताछ के दौरान न्यायिक निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।

ओमान में हिरासत, भारत लाने की तैयारी

सौरभ चंद्राकर फिलहाल ओमान में हिरासत में है। रिपोर्ट के अनुसार, इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। भारत की जांच एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। हालांकि, ओमान में उसके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई भी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती है।

सुरक्षा की मांग का मतलब कानूनी राहत नहीं

चंद्राकर की सुरक्षा की मांग को किसी तरह की कानूनी राहत नहीं माना जा सकता। उसके खिलाफ लगे आरोपों की जांच सबूतों के आधार पर होगी। इसी तरह, यदि वह जांच एजेंसियों को कोई जानकारी देता है तो उसकी सत्यता की स्वतंत्र जांच की जाएगी और ठोस सबूत मिलने पर ही उसके दावों को महत्व मिलेगा।

क्या है महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामला?

महादेव ऐप मामले में कई जांच एजेंसियां ऑनलाइन बेटिंग और कथित अवैध सट्टा नेटवर्क की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अलग-अलग जगहों पर बेटिंग पैनल संचालित किए और सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से यूजर्स को जोड़ा।

मामले में कथित अवैध कमाई को बैंक खातों और म्यूल अकाउंट्स के जरिए घुमाने तथा विदेशों में रकम ट्रांसफर करने के आरोप भी सामने आए हैं। जांच में कथित तौर पर नेटवर्क से जुड़े पैसों के बड़े लेन-देन और प्रभावशाली लोगों तक पहुंच की भी पड़ताल की जा रही है।

अब नजर इस बात पर है कि भारत आने के बाद सौरभ चंद्राकर जांच एजेंसियों को क्या जानकारी देता है और उसके दावों के समर्थन में कितने ठोस सबूत सामने आते हैं। यदि उसके दावे प्रमाणित होते हैं, तो महादेव ऐप मामले की जांच को नई दिशा मिल सकती है।

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