नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी अपग्रेडेशन और विस्तार से जुड़े कथित टेंडर अनियमितता मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट ने सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने और अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों में शर्तों से छेड़छाड़, आपराधिक साजिश और संदिग्ध रिश्वत भुगतान किया गया।
गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन के वकील ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में एफआईआर मई 2024 में दर्ज हुई थी, लेकिन जैन को पहली बार 5 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए बुलाया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं होने का दावा किया।
वहीं, सत्येंद्र जैन ने परियोजना के तकनीकी पहलुओं से खुद को अलग बताते हुए कहा कि वह अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों पर निर्भर थे। उन्होंने दावा किया कि परियोजना का उद्देश्य यमुना की सफाई था।
मामले में एफआईआर दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर दर्ज की गई थी। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण कानून समेत धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।