कांकेर के शासकीय कन्या आश्रम में अंधविश्वास का साया: भूत भगाने के नाम पर छात्राओं को डराने का आरोप, शिक्षिका पर गंभीर सवाल

कांकेर -छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद चौंकाने और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने शासकीय कन्या आश्रमों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक शासकीय कन्या आश्रम में पदस्थ शिक्षिका काकोली देवनाथ पर छात्राओं को भूत-प्रेत और अंधविश्वास के नाम पर डराने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने आश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया कि संबंधित शिक्षिका आश्रम परिसर में मौजूद थी, जबकि वहां उसकी कोई आधिकारिक ड्यूटी निर्धारित नहीं थी। ऐसे में यह सवाल उठने लगे कि बिना किसी जिम्मेदारी के वह छात्राओं के बीच किस उद्देश्य से रह रही थी।
निरीक्षण के दौरान जब जिला पंचायत सदस्य ने छात्राओं से सीधे संवाद किया, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। छात्राओं ने बताया कि शिक्षिका उन्हें भूत-प्रेत, डरावनी घटनाओं और अपशकुन की बातों से भयभीत करती थी। इससे वे लगातार मानसिक तनाव और डर के माहौल में रहने को मजबूर थीं। कुछ छात्राओं ने यह भी बताया कि इस तरह की बातों के कारण उन्हें रात में नींद नहीं आती और वे असुरक्षित महसूस करती थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने मौके पर ही शिक्षिका को कड़ी फटकार लगाई और पूरे प्रकरण की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटना के सामने आने के बाद आश्रम की प्रबंधन व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा, निगरानी तंत्र और संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *