16अगस्त 2026/
मेरठ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एडीजी भानु भास्कर मवाना रोड स्थित मसूरी गांव पहुंचे और शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिजनों से मुलाकात की। इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार और कीर्ति चक्र मिलने पर एडीजी ने परिवार को बधाई दी और उन्हें सम्मानित किया।
एडीजी ने शहीद की पत्नी मुनेश देवी, बेटे मनजीत और बेटी नेहा को पुष्पगुच्छ भेंट कर शॉल ओढ़ाई। शहीद की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सुनील कुमार का साहस और समर्पण पुलिस विभाग के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा। इस दौरान परिजनों की आंखें नम हो गईं।
पिता की शहादत से मिली प्रेरणा, बेटा बोला- पुलिस में भर्ती होकर करूंगा सेवा
पिता को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार मिलने की खबर से भावुक बेटे मनजीत ने कहा कि उनके पिता की वीरता और ईमानदारी उन्हें हमेशा प्रेरित करती है। उन्होंने संकल्प लिया कि वह भी पुलिस में भर्ती होकर अपने पिता की तरह पूरी ईमानदारी और लगन से देश और समाज की सेवा करेंगे तथा परिवार का नाम रोशन करेंगे।
मुठभेड़ में शहीद होने का दर्द परिवार ही समझता है
एनकाउंटर को लेकर मनजीत ने कहा कि जब भी कोई मुठभेड़ होती है तो कई बार उसे फर्जी बताकर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन ऐसी कार्रवाई में किसी पुलिसकर्मी के शहीद होने के बाद उसके परिवार पर क्या गुजरती है, इसका दर्द परिवार ही समझ सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं और उनके जाने के बाद परिवार को जीवनभर उनकी कमी महसूस होती है।
इस दौरान एसटीएफ एसपी बृजेश कुमार सिंह, एसपी राजेश कुमार सिंह, सीओ सदर देहात सुधीर सिंह और इंचौली थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।