झीरम शहीदों को नमन: विजय शर्मा बोले—बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है

जगदलपुर, 16अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर15अगस्त  को उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण कर उनके बलिदान को नमन किया और श्रद्धा एवं संकल्प के साथ उन्हें याद किया।

इस दौरान  शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों की स्मृति में बने स्मारक को जल्द ही और स्मरणीय स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक  विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर  संजय पांडे, कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी  बीएन मीणा, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में प्रदेश ने अपने वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री स्वर्गीय नंदकुमार पटेल और पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।

उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने वर्षों तक बस्तर को भय और हिंसा के साये में रखा, संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचने से रोका और विकास की राह में बाधा खड़ी की, उसे जड़ से उखाड़ फेंका गया है।

600 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा से दिया शांति का संदेश

शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर शांति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर यह संदेश दिया गया कि अब भारत का संविधान देश के हर कोने में लागू होगा।

उन्होंने कहा कि अब बंदूक के बल पर बस्तर की धरती को मासूमों के रक्त से रक्तरंजित नहीं किया जा सकेगा। झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शहीदों के परिजनों से मिले, स्मारक निर्माण का भरोसा

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने झीरम के शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान की।

“बस्तर को गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से जीता है”

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है।

भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। उन्होंने इसे बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह का संकेत बताया।

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