दंतेवाड़ा, 15 अगस्त 2026। दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में इस बार स्वतंत्रता दिवस कई गांवों के लिए ऐतिहासिक और भावुक पल लेकर आया। वर्षों तक नक्सली प्रभाव से प्रभावित रहे थाना किरंदुल क्षेत्र के पुरंगेल, लोहागांव, बड़ेपल्ली, बेंगपाल और ग्राम पंचायत गुमलनार के गिरसापारा में नक्सल मुक्त होने के बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। खुले और निर्भय वातावरण में तिरंगा लहराते देख ग्रामीणों में उत्साह, गर्व और खुशी का माहौल रहा।
पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा चंद्रमोहन सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में दंतेवाड़ा पुलिस एवं जिला प्रशासन ने पांचों गांवों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए। कार्यक्रमों में पुलिस जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। देशभक्ति गीतों, बच्चों की प्रस्तुतियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने समारोह को यादगार बना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे विकास और शांति की मुख्यधारा से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं और पहली बार स्वतंत्रता दिवस का पर्व इतने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ मना पा रहे हैं।
समारोह के दौरान दंतेवाड़ा पुलिस ने ग्रामीणों को मिठाई बांटी तथा बच्चों को खेलकूद सामग्री वितरित की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों की जानकारी ली। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता को लेकर भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से साइबर ठगी से सतर्क रहने, नशे से दूर रहने तथा सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
तिरंगे ने दिया शांति और विकास का संदेश
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ये समारोह महज राष्ट्रीय पर्व का आयोजन नहीं, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित हो रही शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बने। कभी भय और असुरक्षा के माहौल से घिरे इन गांवों में तिरंगे की शान, बच्चों की मुस्कान और ग्रामीणों का उत्साह बदले हुए माहौल की तस्वीर पेश करता नजर आया।
दंतेवाड़ा पुलिस ने सुरक्षा, विश्वास और विकास के माध्यम से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने तथा प्रत्येक नागरिक को सम्मान और निर्भय वातावरण उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराया।