रायपुर, 26 जुलाई 2026। गणेश उत्सव को लेकर राजधानी रायपुर में तैयारियां जोरों पर हैं। 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेशोत्सव के लिए मूर्तिकार दिन-रात प्रतिमाएं गढ़ने में जुटे हैं। हालांकि इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और फिल्मी किरदारों की तर्ज पर बनाई गई गणेश प्रतिमाओं को लेकर हुए विवाद के बाद अधिकांश मूर्तिकार ऐसे प्रयोगों से दूरी बना रहे हैं।
मूर्तिकारों का कहना है कि बीते साल कुछ प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद विवाद बढ़ा और कई जगह विरोध भी देखने को मिला। इसी अनुभव को देखते हुए इस वर्ष पारंपरिक और धार्मिक स्वरूपों पर अधिक जोर दिया जा रहा है।
राजधानी में इस बार भगवान गणेश की शिव गणेश, श्रीराम गणेश, श्रीकृष्ण गणेश, बाल गणेश, बालाजी गणेश और अर्धनारीश्वर स्वरूप की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकारों का कहना है कि श्रद्धालुओं की मांग भी अब पारंपरिक और आध्यात्मिक स्वरूपों की ओर बढ़ रही है।
अनुमान है कि रायपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में इस वर्ष 15 हजार से अधिक छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए कुम्हारपारा और अन्य मूर्ति निर्माण केंद्रों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
हिंदू संगठनों ने भी साफ किया है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी प्रयोग का विरोध किया जाएगा। ऐसे में मूर्तिकार इस बार किसी विवाद से बचते हुए पारंपरिक आस्था और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं।
गणेशोत्सव से पहले बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है और बप्पा के स्वागत के लिए शहरभर में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।