कृषि परंपरा और संस्कृति का उत्सव: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में गूंजा हरेली का उल्लास

रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े प्रमुख पर्व “हरेली तिहार” का आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में पारंपरिक विधि से बैलों, हलों, कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की पूजा-अर्चना कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल रहे। पूजा-अर्चना के बाद कृषि महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में विभिन्न पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। गेड़ी दौड़, कुर्सी दौड़, फुगड़ी, पिठ्ठुल, नारियल फेंक और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कृषि और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. चंदेल ने हरेली तिहार की सांस्कृतिक एवं वैज्ञानिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह किसानों, गौ-वंश, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक कृषि विरासत से जोड़ने के साथ-साथ कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

छत्तीसगढ़ी व्यंजनों ने बढ़ाई उत्सव की मिठास

हरेली के अवसर पर पारंपरिक प्रसाद के साथ छत्तीसगढ़ी व्यंजनों खुरमी, ठेठरी, अईरसा, बड़ा, पीढ़िया और गुलगुला का वितरण किया गया। इससे पूरे परिसर में पारंपरिक पर्व का रंग और भी गहरा हो गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने स्वागत भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान, निदेशक विस्तार, निदेशक शिक्षण, निदेशक प्रक्षेत्र, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सभी महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार का आयोजन किया गया।

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