उद्योगों की नई उड़ान से ‘विजन 2047’ की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, 8.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव से विकास को रफ्तार

रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार का फोकस केवल नए उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, रोजगार, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के जरिए प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में लागू औद्योगिक नीतियों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

264 औद्योगिक परियोजनाओं से 8.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

बीते ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं।

इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

टेक्सटाइल क्षेत्र में बड़ा कदम

25 जून 2026 को टेक्सटाइल पार्क की पहली इकाई का भूमिपूजन किया गया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इससे करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क भी विकसित किया जा रहा है। 81 एकड़ में फैले इस पार्क में टेक्सटाइल, गारमेंट, परिधान और तकनीकी वस्त्र सहित सहायक उद्योगों के लिए भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

औद्योगिक नीति से निवेशकों को प्रोत्साहन

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान है। एमएसएमई और सेवा क्षेत्र के लिए विशेष लाभ के साथ टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज दिए गए हैं।

इसी के चलते नवा रायपुर में एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर तथा आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता

राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए कारोबारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर विशेष जोर दिया है। 150 से अधिक सेवाओं वाला सिंगल विंडो सिस्टम, एआई आधारित वाणी प्रणाली और 500 से अधिक प्रशासनिक सुधारों के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।

औद्योगिक विकास को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जबकि 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्यों को मंजूरी दी गई है। सरोरा में प्लास्टिक पार्क तथा नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा और रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी परियोजनाएं औद्योगिक आधार को मजबूत कर रही हैं।

रोजगार देने वाले उद्यमी तैयार करने पर जोर

सरकार का लक्ष्य निवेश को तेजी से धरातल पर उतारने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार की मंशा है कि प्रदेश का युवा केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बने।

विजन 2047 के लिए मजबूत औद्योगिक आधार

छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल से लेकर डेटा सेंटर, आईटी, फार्मा, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स तक विविध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं आकार ले रही हैं। बढ़ते निवेश प्रस्ताव और नई औद्योगिक इकाइयां संकेत दे रही हैं कि राज्य तेजी से एक मजबूत और विविध औद्योगिक इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का औद्योगिक अभियान आर्थिक विकास के साथ रोजगार, नवाचार और समावेशी विकास की नई तस्वीर तैयार कर रहा है। उद्योगों की इस नई उड़ान से आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव और मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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