नई दिल्ली/10 अगस्त 2026 महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को उस वक्त चर्चाएं तेज हो गईं, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सभी आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुप्रिया सुले ने किया। करीब 15 से 20 मिनट चली इस बैठक के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
बैठक में क्षेत्रीय और किसानों से जुड़े मुद्दे उठे
जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और समस्याओं को प्रधानमंत्री के सामने रखा। बीड सांसद बजरंग सोनवणे ने सोलापुर के उजनी बांध से बीड जिले को पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी।
वहीं, शिरूर सांसद अमोल कोल्हे ने नासिक-पुणे रेलवे लाइन से जुड़े मुद्दे को उठाया। भिवंडी सांसद बालू मामा म्हात्रे ने नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम भूमिपुत्र दी. बा. पाटिल के नाम पर रखने की मांग की। किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
परिसीमन बिल को लेकर सियासी चर्चा तेज
बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा परिसीमन बिल को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि शरद पवार गुट के आठ सांसद इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन दे सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
शरद पवार गुट के पास लोकसभा में आठ सांसद हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
सुप्रिया सुले ने बताया विकास से जुड़ी मुलाकात
बैठक के बाद सुप्रिया सुले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात महाराष्ट्र के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी FCRA बिल का विरोध करेगी।
इससे पहले 22 जुलाई को भी शरद पवार और सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। अब पार्टी के सभी आठ सांसदों की एक साथ पीएम मोदी से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है।
नवनीत राणा ने कहा- मुलाकात में कुछ गलत नहीं
बीजेपी नेता नवनीत राणा ने इस मुलाकात को लेकर कहा कि अगर शरद पवार गुट के सांसद महाराष्ट्र के विकास के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से मिल रहे हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात करना सकारात्मक कदम है।
फिलहाल, शरद पवार गुट और बीजेपी के बीच किसी संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर लगाई जा रही अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बैठक में उठाए गए मुद्दों और सुप्रिया सुले के बयान से फिलहाल यही स्पष्ट है कि मुलाकात में महाराष्ट्र के विकास और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई।