जगदलपुर, 08 अगस्त 2026। बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने, एनीमिया की रोकथाम, पोषण स्तर में सुधार और उनके बेहतर शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के उद्देश्य से बस्तर जिले में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। अभियान के तहत जिले के 3 लाख 13 हजार 426 बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 10 अगस्त को दवा सेवन से छूट जाने वाले बच्चों के लिए 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा अभियान से वंचित न रहे।
उम्र के अनुसार दी जाएगी दवा की खुराक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया कि 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल 400 एमजी की आधी गोली यानी 200 एमजी साफ पानी में पीसकर या घोलकर दी जाएगी। वहीं 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 400 एमजी की एक पूरी गोली चबाकर खिलाई जाएगी।
अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों, केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों, मदरसों, निजी स्कूलों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और नर्सरी स्कूलों में बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षक निभाएंगे अहम भूमिका
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित संबंधित विभागों की बैठक कर आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्कूलों में नोडल शिक्षकों के माध्यम से बच्चों को दवा का सेवन कराया जाएगा। बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने में मितानिन दीदियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान के लिए आवश्यक सामग्री ब्लॉक एवं सेक्टर स्तर तक पहुंचाई जा चुकी है। वहीं लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूल रैलियों, पोस्टर-पाम्पलेट, दीवार लेखन, मुनादी, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के साथ रेडियो, समाचार पत्र और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
अभिभावकों से बच्चों को दवा जरूर दिलाने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान में शामिल कर एल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक जरूर दिलाएं। विभाग का कहना है कि बच्चों को कृमि संक्रमण से सुरक्षित रखना उनके स्वस्थ, निरोगी और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।