जगदलपुर 6अगस्त 2026/शासकीय विकासखंड बस्तर के उच्च प्राथमिक शाला भूरसुंडी में पदस्थ दिव्यांग भृत्य पीलू राम नाग ने अपने स्थानांतरण से पहले विद्यार्थियों के लिए स्नेहभोज (न्योता भोज) का आयोजन कर मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश की। एक हाथ से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ विद्यालय में सेवाएं दीं। अब माध्यमिक शाला फरसापारा में स्थानांतरण होने पर उन्होंने बच्चों से भावुक विदाई लेते हुए अपने निजी खर्च पर सभी विद्यार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई। स्नेहभोज में राहर की दाल, छोले, आलू की सब्जी और मिष्ठान के रूप में जलेबी परोसी गई, जिसका बच्चों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
इस अवसर पर भावुक पीलू राम नाग ने कहा कि भूरसुंडी विद्यालय और यहां के बच्चों से उनका रिश्ता परिवार जैसा बन गया है, जिसे वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शाला के 65 में से 62 तथा प्राथमिक शाला महुगुडा के 30 में से 28 विद्यार्थी शामिल हुए। विद्यालय परिवार ने उनकी सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और बच्चों के प्रति आत्मीय लगाव की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह विदाई समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक दिव्यांग कर्मचारी और विद्यार्थियों के बीच वर्षों से बने स्नेह, अपनत्व और मानवीय रिश्तों की भावपूर्ण मिसाल बन गया।