जगदलपुर16जुलाई 2026बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका को नई गति देने की दिशा में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने ग्राम पंचायत नेतानार और कामानार के सेवा डेरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप के सेवा डेरा में सीईओ ने सिलाई मशीन प्रशिक्षण, ढेकी से चावल निर्माण और इमली चपाती निर्माण जैसी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षित महिलाओं के लिए प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने की पहल करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और नियमित आय के बेहतर अवसर मिल सकें।
सीईओ ने समूह आधारित उत्पादन, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसके बाद उन्होंने कामानार स्थित सेवा डेरा का निरीक्षण कर ग्रामीणों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने सेवा डेरा की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस दौरान महिला समूहों ने इमली प्रसंस्करण इकाई और महुआ लड्डू प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। महिलाओं का कहना था कि इन इकाइयों से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी। सीईओ तन्मय खन्ना ने प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति जताते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीरेंद्र बहादुर, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।