5जुलाई 2026
राजस्थान/राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से सामने आए एक जघन्य अपराध ने पूरे देश को झकझोर दिया है। आरोप है कि 13 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची का अपहरण कर उसे कई लोगों के हवाले किया गया, जहां उसके साथ कई दिनों तक यौन हिंसा की गई। इस मामले ने एक बार फिर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश जारी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई लोगों को नामजद किया गया है। प्रशासन ने कथित रूप से अवैध होटलों पर भी कार्रवाई की है।
लेकिन सवाल केवल गिरफ्तारी का नहीं है। सवाल यह है कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं? क्या हमारी बेटियां सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित हैं? क्या मानव तस्करी और यौन अपराधों के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है?
ऐसे अपराध केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज को घायल करते हैं। जरूरत है कि दोषियों को कानून के तहत शीघ्र और कठोर सजा मिले, पीड़िता को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
हर बेटी सुरक्षित हो—यही समाज और शासन, दोनों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगा सकता है।