झाड़-फूंक के भरोसे गई दो जिंदगियां: जहरीले सांप ने सोते हुए पिता-बेटी को डसा, इलाज से पहले दोनों की मौत

बलरामपुर1जुलाई 2026छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सर्पदंश की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डंभाटोली गांव में जहरीले सांप के डसने से एक पिता और उसकी चार वर्षीय मासूम बेटी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सांप के काटने के बाद परिजन अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराते रहे, जिससे इलाज में देरी हुई और दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
रात में सोते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, डंभाटोली निवासी शनिचरा पैंकरा (36) अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जमीन पर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे एक जहरीला सांप बिस्तर पर चढ़ आया और शनिचरा के साथ उनकी चार वर्षीय बेटी महंती को डस लिया। कुछ ही देर में दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी।
अस्पताल पहुंचने में हुई देरी
परिजनों ने तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में झाड़-फूंक का सहारा लिया। कई घंटे बीत जाने के बाद सुबह करीब चार बजे दोनों को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने मासूम महंती को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर हालत में शनिचरा को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
सरगुजा में भी सर्पदंश से किशोरी की मौत
इधर, सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के सकरिया गांव में भी करैत सांप के डसने से 13 वर्षीय आसमनी एक्का की मौत हो गई। वह अपने मामा के घर आई हुई थी। रात में सोते समय करैत ने उसे डस लिया। अस्पताल ले जाने के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बरसात में बरतें सावधानी
बरसात के मौसम में सांपों के घरों में घुसने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

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