लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग भड़कने से बड़ा हादसा हो गया। इस इमारत में कोचिंग कक्षाएं भी चल रही थीं। आग और जहरीले धुएं की चपेट में आने से अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में 5 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। इनमें कई युवा छात्र बताए जा रहे हैं, जिनकी उम्र लगभग 20 से 30 साल के बीच है।
आग लगने के बाद इमारत के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। धुएं ने कुछ ही समय में सीढ़ियों, कमरों और रास्तों को ढक लिया। बाहर निकलने का रास्ता साफ नहीं दिखने पर कई छात्र घबराकर बाथरूम की ओर चले गए। वहां वे आग की लपटों से तो बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बंद जगह में धुआं भरने से उनकी सांसें थम गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस बल और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों ने आग पर नियंत्रण पाने के साथ इमारत के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। धुएं और गर्मी के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं। बाहर निकाले गए लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां घायलों का उपचार जारी है।
हादसे के बाद शासन और प्रशासन ने जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि चार लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग कैसे लगी, इमारत में फायर सेफ्टी उपकरण काम कर रहे थे या नहीं, और आपात स्थिति में बाहर निकलने के पर्याप्त साधन मौजूद थे या नहीं।
लखनऊ की यह घटना फिर याद दिलाती है कि कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भयावह साबित हो सकती है। जिन युवाओं ने किताबों के साथ अपना भविष्य संवारने की उम्मीद लेकर कदम रखा था, वही इमारत उनके लिए मौत का जाल बन गई। अब पीड़ित परिवारों की नजर जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।