अस्पताल में शराबी डॉक्टर की शर्मनाक हरकत, इलाज छोड़ मरीजों और पुलिस से उलझा

4जून2026

कोंडागांव। जिले के केशकाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हंगामा मच गया जब एक डॉक्टर पर शराब के नशे में ड्यूटी करने, मरीज का इलाज करने से इनकार करने और अस्पताल में अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर अस्पताल परिसर में अटेंडरों, मीडियाकर्मियों और पुलिसकर्मियों से उलझते हुए दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल में पदस्थ डॉक्टर शैलेंद्र भोयर के पास एक व्यक्ति अपने बीमार पिता का इलाज कराने पहुंचा था। आरोप है कि डॉक्टर उस समय नशे की हालत में थे और उन्होंने मरीज को देखने से मना कर दिया। जब परिजनों ने इलाज की मांग की तो डॉक्टर भड़क गए और उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और मीडिया को सूचना दी।

सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी डॉक्टर ने कथित तौर पर अभद्रता की और कैमरा छीनने तथा हाथापाई करने की कोशिश की। अस्पताल में मौजूद लोगों ने डॉक्टर को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। वायरल वीडियो में डॉक्टर अस्पताल परिसर में बैठे हुए हंसते और बहस करते नजर आ रहे हैं।

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और डॉक्टर को हिरासत में लेकर थाने ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान भी डॉक्टर पुलिसकर्मियों से उलझते रहे और उनके साथ जाने से बचने की कोशिश करते दिखाई दिए। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है।

अस्पताल की स्टाफ नर्सों ने भी डॉक्टर के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर के खिलाफ पहले भी शराब पीकर ड्यूटी करने और मरीजों से दुर्व्यवहार करने की शिकायतें मिलती रही हैं। कई बार उन्हें समझाया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।

वहीं, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. डी.के. बिसेन ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें प्राप्त हुई थीं और उन्हें नोटिस जारी किया गया था। ताजा घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अनुशासन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल इलाज की जगह अव्यवस्था का केंद्र बनते जा रहे हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *