दिल्ली अग्निकांड: बेसमेंट में बंद थे 37 लोग, होटल-रेस्टोरेंट में भीषण आग से 21 की मौत, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

3जून2026

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लॉरिस स्टे और उससे जुड़े रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दर्दनाक अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। आग इतनी भयावह थी कि जान बचाने के लिए कई लोगों को इमारत की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर दमकल विभाग की 10 गाड़ियां भेजी गईं, जिनमें दो वॉटर टेंडर और दो वॉटर बाउजर भी शामिल थे। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

बेसमेंट में ताला, अंदर फंसे थे 37 लोग

हादसे की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक होटल के बेसमेंट में ताला लगा हुआ था, जहां 37 लोग फंसे हुए थे। दमकल कर्मियों और बचाव दल ने समय रहते सभी लोगों को बाहर निकाला। यदि राहत कार्य में थोड़ी भी देरी होती तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी।

धुएं से घुटा दम, मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही पूरे भवन में धुआं भर गया। लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला और कई लोग कमरों तथा गलियारों में फंस गए। कुछ लोगों ने खिड़कियों और बालकनी से कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। धुएं और आग की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि होटल और रेस्टोरेंट में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। बेसमेंट में लोगों के फंसे होने और वहां ताला लगे होने के कारण प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुख्यमंत्री और प्रशासन ने जताया दुख

हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

पूरे इलाके में दहशत का माहौल

इस भयावह हादसे के बाद मालवीय नगर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत में सुरक्षा इंतजामों की जांच पहले ही होनी चाहिए थी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी के लिए जिम्मेदार कौन है।

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