धमतरी में खेत तक पहुंचा तेंदुए का शावक, सिहावा–नगरी वनांचल में मचा हड़कंप, वन विभाग ने रेस्क्यू कर जंगल सफारी भेजा

धमतरी, 5 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा–नगरी वनांचल क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेतों के बीच तेंदुए का एक शावक दिखाई दिया। अचानक सामने आए वन्यजीव को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
यह मामला बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के छिपली पारा गांव का है। जानकारी के अनुसार, करीब 5 से 6 माह का तेंदुए का शावक श्रृंगी ऋषि पहाड़ी के नीचे स्थित घने जंगल से भटकते हुए राजस्व क्षेत्र तक पहुंच गया था। जंगल से सटे खेतों में शावक को देख ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सबसे पहले ग्रामीणों को शावक से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। इसके बाद टीम ने पूरी सतर्कता के साथ तेंदुए के बच्चे को रेस्क्यू कर अपने कब्जे में लिया। रेस्क्यू के बाद शावक को नगरी स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शावक पानी में भीगा हुआ था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी नाले या जलस्रोत के पास से गुजरते हुए रास्ता भटक गया होगा। हालांकि चिकित्सकीय जांच में उसकी हालत सामान्य पाई गई। प्राथमिक उपचार के बाद शावक को जंगल सफारी, नया रायपुर भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी सुरेंद्र कुमार अजय ने बताया कि तेंदुए का शावक पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी में वन्यजीव विशेषज्ञों द्वारा उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर नजर रखी जाएगी, जिसके बाद आगे के पुनर्वास को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सिहावा–नगरी क्षेत्र घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जो तेंदुआ, भालू सहित कई वन्यप्राणियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। भोजन और पानी की तलाश में वन्यजीवों का गांवों की ओर आना आम बात है। ऐसे में वन विभाग लगातार ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की तुरंत सूचना देने की अपील करता रहा है।

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