दो साल बाद खुला हत्या का राज: प्रेम संबंध के शक में पत्नी ने रची साजिश, बोरी में मिला महिला का कंकाल

22मई 2026

दंतेवाड़ा पुलिस ने करीब दो वर्ष पुराने एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है। गुमशुदा महिला की तलाश करते-करते पुलिस ऐसे राज तक पहुंची, जहां प्रेम संबंध, शक और साजिश ने एक महिला की जान ले ली। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना सिटी कोतवाली दंतेवाड़ा में वर्ष 2024 में रामदई कश्यप के गुमशुदा होने का मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक महिला का कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस ने मामले की नए सिरे से जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर गुमशुदा महिला की कॉल डिटेल और पारिवारिक संबंधों की गहन पड़ताल की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रामदई कश्यप का पाण्डू करटम से करीबी संबंध था। इसी कड़ी में ग्राम तोयलंका पहुंचकर ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि पाण्डू करटम की पत्नी कमली करटम को इस संबंध की जानकारी थी, जिससे वह नाराज रहती थी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि कमली करटम ने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर रामदई की हत्या की साजिश रची। घटना के दिन गांव में बीज त्यौहार होने के कारण पाण्डू करटम गांव आया हुआ था। इसी मौके का फायदा उठाकर योजना बनाई गई। पहले घर में मौजूद लड़की लक्ष्मी करटम को दंतेवाड़ा भेजा गया और रात में रामदई के घर में होने की पुष्टि की गई।
इसके बाद आरोपी हुंगाराम करटम दंतेवाड़ा पहुंचा और घर में घुसकर रामदई कश्यप की मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को पिकअप वाहन में डालकर देर रात ग्राम तोयलंका ले जाया गया, जहां घर के पीछे नाले किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
मामले का सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब आरोपी कमली करटम की निशानदेही पर प्रशासन और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव का उत्खनन कराया गया। खुदाई के दौरान सफेद प्लास्टिक बोरी में भरा मानव कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम और अन्य जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कमली करटम और लक्ष्मी नाग को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपी की भूमिका की भी जांच जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी राहुल उईके, थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा, उप निरीक्षक संजय पाल, सहायक उप निरीक्षक पंकज धर तथा आरक्षक आशीष कुमार नाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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