22मई 2026
ओडिशा के मलकानगिरी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां के तामसा गांव के आदिवासी किसान देबा पाधियामी ने अपने बगीचे में दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापानी ‘मियाजाकी’ आम की सफल खेती कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खास आम की कीमत करीब ढाई से तीन लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है।
जापान का लग्जरी आम अब ओडिशा में
‘मियाजाकी’ आम मूल रूप से जापान की एक बेहद दुर्लभ और प्रीमियम किस्म मानी जाती है। इसका रंग हल्का लाल और बैंगनी मिश्रित होता है, जबकि स्वाद बेहद मीठा और गूदा काफी मुलायम होता है। जापान में इसे “सूरज का अंडा” भी कहा जाता है। यह आम आमतौर पर खास लोगों को गिफ्ट करने और नीलामी में ऊंची कीमत पर बेचने के लिए जाना जाता है।
चार साल की मेहनत लाई रंग
किसान देबा पाधियामी ने बताया कि करीब चार साल पहले उन्हें इस खास किस्म का पौधा मिला था। शुरुआत में उन्हें इसकी खेती को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन लगातार मेहनत, देखभाल और प्रयोग के बाद अब पेड़ों पर फल आने लगे हैं। जैसे ही इलाके में इस महंगे आम की चर्चा फैली, लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए बगीचे तक पहुंचने लगी।
अब चोरी का डर सता रहा
इस अनोखे आम की कीमत जितनी ज्यादा है, उतनी ही ज्यादा इसकी सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। किसान का कहना है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई आम चोरी न कर ले जाए। इसी वजह से वे रात में भी बगीचे में ही पहरा दे रहे हैं। गांव में यह आम अब आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
बेचने की चुनौती भी बड़ी
हालांकि आम तैयार हो चुके हैं, लेकिन किसान के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन्हें सही बाजार तक पहुंचाने की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी मांग तो बहुत है, लेकिन पैकेजिंग, मार्केटिंग और बड़े खरीदारों से संपर्क जैसी सुविधाओं की कमी उन्हें परेशान कर रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही सहायता मिले तो यह खेती किसानों के लिए बड़ी आय का जरिया बन सकती है।
इलाके में चर्चा का विषय बना ‘मियाजाकी’
ग्रामीणों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि जापान की इतनी महंगी किस्म अब ओडिशा की मिट्टी में भी फल देने लगी है। इस सफलता ने आसपास के किसानों में भी नई उम्मीद जगा दी है कि पारंपरिक खेती के साथ नई और विदेशी फसलों पर काम कर बेहतर कमाई की जा सकती है।